कलेक्टर ने खुद गोली खाकर किया फाइलेरिया उन्मूलन अभियान का आगाज।
कलेक्टर श्री नवीन ने समाहरणालय परिसर से फाइलेरिया मुक्ति अभियान को सफल बनाने के लिए जागरूकता रथ को झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही हाथी पांव नामक व्याधि से बचाव के लिए सर्वजन औषधि का सेवन कर इसे हर लोगों के लिए नितांत जरूरी करार दिया।सिविल सर्जन डॉ.अशोक कुमार सिंह , डीपीएम पवन कुमार आदि ओहदेदार इस अवसर पर उपस्थित थे।
कलेक्टर ने मौके पर कहा कि जिले में स्वास्थ्य जागरूकता को नई दिशा देने के लिए सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम को गति दिया जा रहा है। उन्होंने स्वयं दवा का सेवन करते हुए कहा कि इस पहल का ध्येय आमजन में ओषधि सेवन के प्रति जागरूकता बढ़ाना और निर्धारित स्वास्थ्य कार्यक्रमों को प्रभावी रूप से लागू करना है। सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य अभियानों की सफलता जन सहभागिता पर निर्भर करती है। उन्होंने लोगों से आग्रह करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही औषधियों का बेफिक्र होकर सेवन करें और अपने परिवार के साथ आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। यह दवा पूरी तरह से सुरक्षित है। श्री नवीन ने आगे कहा कि फाइलेरिया एक असहज करने वाला व्याधि है। इस मर्ज से बचाव के लिए जिला में 27 फरवरी तक लोगों को डीईसी और एलबेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी। इसके लिए आंगनवाड़ी केंद्र , स्वास्थ्य उप केंद्र , प्राथमिक स्वास्थ्य उप केंद्र , सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र , वार्ड कार्यालय आदि जगहों को नामित किया गया है। यहां मुफ्त में दवा दी जाएगी। छूटे हुए लोगों को दवा वितरक उनके घर जाकर उन्हें दवा का सेवन कराएंगे। दो वर्ष के कम उम्र के बच्चे , वृद्ध , गर्भवती महिला , गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को दवा का सेवन नहीं कराया जाएगा। 01से 02 वर्ष के बच्चों को एलबेंडाजोल की आधी गोली दी जानी है जबकि 02 से 05 वर्ष के बच्चों को डीईसी और एलबेंडाजोल की एक-एक गोली खिलाई जाएगी। 06 से 14 वर्ष के बच्चों को डीईसी की दो गोली और एलबेंडाजोल की एक गोली दी जाएगी वहीं 15 वर्ष से ऊपर के सभी व्यक्तियों को डीईसी की तीन गोली और एलबेंडाजोल की एक गोली का सेवन कराया जाएगा। डीएम ने कहा कि दवा के सेवन से लोगों में व्याप्त माइक्रो फाइलेरिया के परजीवी का नाश होगा और उन्हें इस बीमारी से राहत मिलेगी। जागरूकता रथ लोगों को फाइलेरिया के प्रति सजग और सचेत करेगा ताकि वे इस असहज मर्ज से मुक्त रह सकें। श्री नवीन ने आगे कहा कि फाइलेरिया मच्छर से फैलने वाला रोग है। इस रोग से ग्रसित हो जाने के बाद इसका ईलाज आसानी से उपलब्ध नहीं है। इसलिए बेहतर है कि इससे बचाव ही किया जाए। अभियान के अंतर्गत जिले में डीईसी टेबलेट का बड़े पैमाने पर वितरण किया जायेगा। कर्मी घर-घर जा कर इस दवा का सेवन करायेंगे। कलेक्टर ने बच्चों से प्रत्येक वर्ष गोली लेने का आग्रह किया।
सिविल सर्जन डॉ.अशोक कुमार सिंह ने कहा कि फाइलेरिया की दवा साल में एक बार मुफ्त में हर घर मे वितरित की जाती है। इसका सेवन कर लोग इस बीमारी से बच सकते हैं। सीएस ने कहा कि जागरूकता अभियान को जनआंदोलन के रूप में चलाना है तभी इसका मकसद पूरा हो सकेगा।


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