जमुई: जिला प्रशासन द्वारा जमुई के जनजातीय समुदाय के उत्थान और सशक्तिकरण के लिए चलाए जा रहे ‘जनजातीय गरिमा उत्सव 2026’ के अंतर्गत आज, कार्यक्रम के चौथे दिन भी व्यापक स्तर पर जनकल्याणकारी गतिविधियों का सफल संचालन किया गया। "जन भागीदारी - सबसे दूर, सबसे पहले" के मूल मंत्र को धरातल पर उतारते हुए आज जिले के विभिन्न सुदूर और जनजातीय बहुल क्षेत्रों में कल्याणकारी कार्यक्रमों का दायरा बढ़ाया गया, जिसका सीधा लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों तक पहुँचा।
प्रशासनिक संवेदनशीलता का परिचय देते हुए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आज कुल 15 जन सुनवाई शिविरों का सफल आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। इन शिविरों के माध्यम से जनजातीय समुदाय के लोगों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं एवं नागरिक सुविधाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई। साथ ही, जनता की समस्याओं को अत्यंत गंभीरता से सुनते हुए कुल 199 मामलों की मौके पर ही त्वरित सुनवाई की गई और उनके ससमय निष्पादन की प्रक्रिया सुनिश्चित की गई
इसी क्रम में स्वास्थ्य सुविधाओं को सीधे लोगों के दरवाजे तक पहुँचाने के उद्देश्य से जिले के विभिन्न अंचलों में कुल 09 विशेष मेडिकल कैंप (चिकित्सा शिविर) आयोजित किए गए। इन शिविरों में स्वास्थ्य विभाग की विशेषज्ञ टीम द्वारा सुदूर क्षेत्रों के कुल 374 लाभुकों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा उनकी आवश्यकता के अनुसार दवाओं का मुफ्त वितरण भी किया गया। स्थानीय ग्रामीणों ने इतनी सहजता से अपने घर के समीप स्वास्थ्य सेवाएं मिलने पर अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
इसके अतिरिक्त, प्रशासनिक पारदर्शिता और त्वरित सेवा प्रदायगी को दर्शाते हुए इन शिविरों के माध्यम से कुल 64 पात्र लाभुकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित एंटाइटलमेंट (अधिकार पत्र/स्वीकृति पत्र) प्रदान किया गया, जिससे योग्य व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा और विभिन्न योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ बिना किसी देरी के सुनिश्चित हो सका। इस पूरे महाभियान का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समुदाय के लोगों तक सरकारी योजनाओं, उत्कृष्ट स्वास्थ्य सुविधाओं एवं सामाजिक सुरक्षा संबंधी लाभों को सीधे पहुँचाना है, जिसके सफल संचालन में संबंधित तकनीकी विभागों एवं स्थानीय प्रशासन की भूमिका बेहद सक्रिय और सराहनीय रही।


No comments:
Post a Comment