जमुई जिला में एक बड़ा रेल हादसा हुआ है। बड़ी घटना से रेल प्रशासन सकते में है। बीते आधी रात को जसीडीह-झाझा रेलखंड पर सीमेंट से लदी एक मालगाड़ी भीषण दुर्घटना का शिकार हो गई। इस हादसे में मालगाड़ी के कुल 17 डिब्बे पटरी से उतर गए। इनमें से तीन डिब्बे सीधे नदी में जा गिरे। सीमेंट बोरी चारों तरफ बिखर गया। रेल ट्रैक को भारी नुकसान हुआ है। बीते आधी रात को घटित घटना के बाद से ही नामित रूट पर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह से ठप है। इस मार्ग से गुजरने वाली अधिकांश ट्रेनों को डायवर्ट कर दूसरे रेल मार्ग से चलाया जा रहा है। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। झाझा , जसीडीह और आसनसोल से एआरटी टीम को बुलाया गया है। रेल पुलिस , आरपीएफ और तकनीकी अधिकारी घटना स्थल पर डटे हुए हैं। राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। रेल अधिकारी छः बजे शाम के बाद परिचालन शुरू किए जाने की संभावना जता रहे हैं।
आसनसोल रेल मंडल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी बिपल्व बोरी ने बताया कि एक मालगाड़ी सीमेंट लेकर जसीडीह से झाझा की ओर जा रही थी। आसनसोल रेल मंडल अंतर्गत झाझा-जसीडीह रेल खंड पर टेलवा हॉल्ट के समीप बडुआ नदी पर निर्मित पुल संख्या 676 व पोल संख्या 344/18 के निकट नामित ट्रेन अचानक अनियंत्रित होकर बेपटरी हो गई। झटके इतने तेज थे कि मालगाड़ी के डिब्बे ताश के पत्तों की तरह बिखर गए। तीन डिब्बे पुल तोड़कर नीचे नदी में समा गए , जबकि कुछ डिब्बे एक-दूसरे पर चढ़कर डाउन ट्रैक पर जा गिरे। सीमेंट बोरी चारों ओर बिखर गया। दुर्घटना से रेल ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया है। रेल हादसे के बाद जसीडीह-झाझा मुख्य रेलमार्ग पर रेल यातायात पूरी तरह से ठप है। चूंकि बोगियां डाउन ट्रैक पर भी आ गिरी हैं , इसलिए दोनों तरफ से ट्रेनों की आवाजाही रोक दी गई है। झाझा और जसीडीह स्टेशनों पर कई एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों को खड़ा कर दिया गया है। जरूरी ट्रेनों को डायवर्ट कर दूसरे रेल मार्ग से चलाया जा रहा है। झाझा , जसीडीह और आसनसोल से रेलवे की तकनीकी टीम और क्रेन घटनास्थल पर पहुंच चुकी है। राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। डिब्बों के एक-दूसरे पर चढ़े होने के कारण ट्रैक बहाली में अभी और समय लगने की संभावना है। गनीमत यह रही कि यह एक मालगाड़ी थी , जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। अगर यह बड़ा हादसा किसी यात्री ट्रेन के साथ होता तो परिणाम भयावह हो सकता था। रेलवे अधिकारी घटना की जांच में जुट गए हैं। हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या पटरी में किसी दरार की वजह से , इसका पता लगाया जा रहा है। रेल पटरी को दुरुस्त करने का काम जारी है। रेल अधिकारी , तकनीकी टीम और सुरक्षा बल घटनास्थल पर कैंप कर रहे हैं। समाचार प्रेषण तक झाझा- जसीडीह रेलखंड पर गाड़ियों का परिचालन ठप है।


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